पश्चिम बंगाल मध्यमिक परीक्षा की परिणाम 2019: 10 वीं कक्षा के सौगात दास ने 99% के साथ, सबसे अधिक अंक प्राप्त करने का रिकॉर्ड बनाया

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पश्चिम बंगाल के एक छात्र ने पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (WBBSE) (माध्यमिक) परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, जिसने उच्चतम स्कोर का रिकॉर्ड बनाया है। सौगता दास जो पूर्वी मिदनापुर जिले के महम्मद देशपरण विद्यापीठ (Mahammad Deshpran Vidyapith) में पढ़ती हैं, उन्होंने 700 में से 694 अंक (99.14 प्रतिशत) अर्जित किए। इस वर्ष कुल 86.07 प्रतिशत ने सफलतापूर्वक परीक्षा उत्तीर्ण की। यह भी उच्चतम उत्तीर्ण प्रतिशत है क्योंकि पिछले वर्ष 85.49 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

WBBSE के अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली ने द इंडियन एक्सप्रेस को इंटरव्यू में बताया की मध्यामिक परीक्षा के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी छात्र ने 99 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। इस साल, हमने मध्यामिक की परीक्षाओं में उच्चतम उत्तीर्ण प्रतिशत भी दर्ज किया है।

कोच बिहार जिले के इला देवी गर्ल्स हाई स्कूल (Ila Devi Girls High School) से देबस्मिता साहा और उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के फलकटा गर्ल्स हाई स्कूल (Falakata Girls High School) से श्रेयशी पॉल ने 691 अंक (98.71 प्रतिशत) के साथ दूसरी रैंक हासिल की। नादिया जिले के शांतिपुर म्यूनिसिपल हाई स्कूल (Santipur Municipal High School) और उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज गर्ल्स हाई स्कूल (Raiganj Girls High School) से कैमेलिया रॉय से ब्रेटन मोंडल 689 अंक (98.42 प्रतिशत) के साथ तीसरे स्थान हासिल की है।

10 मेरिट सूची में 51 छात्र हैं, जिनमें से 50 जिला स्कूलों से हैं। उनमें से 21 लड़कियां हैं। छात्रों को बधाई देते हुए, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्विटर पर कहा , उन सभी छात्रों को बधाई, जिन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और उन सभी को भी जिन्होंने माध्यमिक परीक्षा दी है। और आपके माता-पिता, और आपके शिक्षकों को भी शुभकामनाएं। और आपके भविष्य के सभी प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, केशरी नाथ त्रिपाठी ने उम्मीदवारों के साथ-साथ उनके शिक्षकों और अभिभावकों को भी बधाई दी। “मधयमिक परीक्षा एक छात्र के करियर का एक महत्वपूर्ण कदम है। वे जीवन में सफल हो जाते हैं और राष्ट्र की सेवा के महान कार्य में भाग लेते हैं। यहां तक कि जिनके प्रयास निरर्थक रहे उन्हें निराशा की जरूरत नहीं है और उन्हें यह याद रखना चाहिए कि उन्हें फिर से खुद को साबित करने का मौका मिलेगा।

इस वर्ष माध्यमिक की परीक्षा 10,50,000 से अधिक छात्रों ने दिया, जिसमें पुरुष उम्मीदवारों का उत्तीर्ण प्रतिशत 89.97 रहा और बाकि प्रतिशत महिलाओ का है।

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